Archive for January, 2012

कुछ महत्वपूर्ण बातें

जीवन की यात्रा में कई वस्तुओँ की आवशयकता हैं.  ,
१. सबसे पहले तो शारीर को स्वस्थ रखना.
बिना स्वस्थ शारीर के कोई भी प्रसन्न नहीं रह सकता इस लिए  बालको को व्यायाम करना चाहिए, जिससे  उनके शारीर का अंग प्रत्यंग दृढ   हो जाये
उनको सामूहिक खेल-कूद में भाग लेना चाहिए , जिससे वे औरों  के साथ और अपने दल के हित के लिए काम करना सीखे.
२. दूसरा काम हैं विद्या अध्धयन. विद्या अनेक प्रकार की हे .

सब विद्याओं का ज्ञान कोई एक व्यक्ति प्राप्त  नही  कर सकता ; परंतू जिस किसी भी विषय का अध्धयन करना हो ,उसमें यथासाध्य परिश्रम करना चाहिए . अपने विषय विशेष में जहाँ सभी हो, किसी से भी हो, ज्ञान-लाभ  करना चाहिए.जिस सुलभता से युवा अवस्था में ज्ञान मस्तिष्क में प्रवेश करता हे और चिरस्थायी हो कर रह्ता हे ,वह आगे चल कर  सम्भव नहीं.

३. तीसरा काम हे अपने को समाज सेवा के योग्य बनाना. साधारण मानव को समाज में रहना   हैं .
मनुष्य की अन्य जन्तुओं से विशेषता  इस अंश में हे की उसको अपनी आत्मा के बारे में  ज्ञान हैं.

Hindi to English Translation by Google

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सदाचार

आचार हीनं न पूनंती वेदा:
सदाचार क्या हे  ?
  • वेद , पुराण, धर्मशास्त्रोत्न , धर्म तथा शिष्ट पुरुषो का आचरण ही सदाचार हैं  
  • शिष्ट पुरुषो का आचरण हम सदा  देख नहीं सकते. 
  • अनादिकाल से वेद और धर्मशास्त्रों के अनुशीलन से इसे हम समझ सकते हैं. 
  • सदाचार किसी भी देश और काल के लिए आवशयक हैं.  
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